नए दौर की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल स्किल के इस्तेमाल पर ज़ोर

आज के ग्लोबल मार्केट के दौर में, इंटरनेट में महारत हासिल करना हर एक कारोबार की ज़रूरत बन चुका है. कंपनियों को सफल होने के लिए व्यावहारिक हुनर और तकनीकी ज्ञान वाले कर्मचारियों की ज़रूरत होती है जो तेज़ी से बदलते डिजिटल लैंडस्केप में काम कर सकें. हम छोटे और मध्यम आकार के कारोबारियों के लिए, डेवलपर और पत्रकारों के लिए टूल और ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाकर भारत की मदद कर रहे हैं जिससे वह अपने कल को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर सके..

छोटे और मध्यम आकार के बिजनेस को ऑनलाइन बढ़ने में मदद देना

जैसे-जैसे भारत में छोटे कारोबार आगे बढ़ेंगे, उनकी तरक्की में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. तकनीक की मदद से छोटे कारोबार नए बाज़ार खोज सकते हैं, अलग-अलग तरह के ग्राहक बना सकते हैं और ज़्यादा असरदार तरीके से बाज़ार में मुकाबला कर सकते हैं. Google में हमारा मानना है कि सही जानकारी और मदद से छोटे बिजनेस भी दुनिया बदल देने वाली बड़ी कंपनी में तब्दील हो सकते हैं. हमारा फ़ोकस कारोबार मालिकों और दूसरे लोगों को सही हुनर और टूल मुहैया करवाना है जिससे उन्हें डिजिटल बनाया जा सके और उन्हें इंटरनेट का पूरा फ़ायदा उठाने में मदद मिल सके.

डिजिटल अनलॉक पहल के तहत देश भर के कारोबार ऑनलाइन और ऑफ़लाइन ट्रेनिंग ले सकते हैं. साथ ही, वे कई तरह के टूल का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं जिनसे उन्हें अपनी डिजिटल मार्केटिंग की ज़रूरतों में किसी आइडिया पर विचार से लेकर उसे अमल में लाने तक मदद मिलेगी. इनमें खोजे जाने से लेकर बिक्री बढ़ाने और उत्पादकता में बढ़ोतरी तक के बारे में संसाधन शामिल हैं.

अब तक जुड़ चुके बिजनेस और लोगों की संख्या:

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अगस्त 2016

छोटे व्यवसायों की कामयाबी की कहानियां

इंटरनेट से भारत के कारोबारों और व्यवसायियों के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं.

यहां कहानी तीन कारोबारों की जिन्हें आगे बढ़ने में डिजिटल टूल से मदद मिली.

  • बटरकप इंटीमेट्स

    Google Ads solutions की मदद से सिर्फ़ 18 महीनों में बटरकप की आमदनी 13 गुना हो गई

    “मैं कहूंगी कि Google के बिना बटरकप इतनी तेज़ी से और इतने अच्छे से नहीं बढ़ पाती.”

    अर्पिता गणेश, सीईओ और संस्थापक, बटरकप इंटीमेट्स

    बटरकप्स एक ऑनलाइन लॉन्जरी या अंदरूनी कपड़ों की दुकान है. जिसका मिशन है हर महिला को उसकी काबिलियत का एहसास कराना. यहां इंटरैक्टिव कैलक्यूलेटर और सवाल-जवाब की सुविधा है जिनकी मदद से ग्राहक खास तौर पर अपने लिए कपड़े बनवा सकती हैं.

    हालांकि बटरकप्स की शुरुआत एक ऑफ़लाइन दुकान के तौर पर हुई थी, सीईओ अर्पिता गणेश को जल्द ही एहसास हो गया कि वो कैसे ऑनलाइन होकर अपनी पहुंच और सीमा का विस्तार कर सकती हैं. उन्हें यह भी समझ आया कि पारंपरिक मीडिया में निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को मापना मुश्किल था. गणेश कहती हैं कि साल 2014 में सोशल मीडिया मार्केटिंग से शुरुआत करने और फिर Google Ads solutions, जिनमें खोज, मैप, Adwords और Analytics शामिल हैं, का इस्तेमाल करने के बाद उन्होंने आमदनी में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी.

    वो कहती हैं,

    ‘’हमने Google Ads solutions इस्तेमाल शुरू करने के बाद से मुड़कर नहीं देखा, हमें ऐसी जगहों से ऑर्डर मिले जिनके बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था, जैसे कि असम में डिब्रूगढ़.’’

    डिजिटल मार्केटिंग शुरू करने के 18 महीनों के अंदर बटरकप की आदमनी 13 गुना बढ़ी. साल 2015 से अब तक बटरकप की आमदनी में 200 फ़ीसदी बढ़ोतरी हुई है.

    “मैं कहूंगी कि Google के बिना बटरकप इतनी तेज़ी से और इतने अच्छे से नहीं बढ़ पाती.”

    अर्पिता गणेश, सीईओ और संस्थापक, बटरकप इंटीमेट्स

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  • डाइवइंडिया

    डिजिटल मार्केटिंग से डाइवइंडिया के लीड्स कन्वर्ज़न 16 महीनों में 230 फ़ीसदी बढ़े

    “हमारी ऑनलाइन सफलता के लिये Google मुख्य कारक रहा है. अगर हम लीड की ओर देखें तो Google हमारी ऑनलाइन सफलता के लिए सबसे प्रभावी प्लेटफार्म रहा है, निवेश पर सबसे ज़्यादा रिटर्न भी यहीं पर मिला है.”

    वंदित कालिया, संस्थापक, डाइवइंडिया

    15 कर्मचारियों और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 2 द्वीपों पर कामकाज वाली डाइवइंडिया अंडमान में गोताखोरी का सबसे पुराना केंद्र है. यह कंपनी सभी स्किल लेवल के लिए स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग देती है.

    बीते कुछ सालों में डाइव इंडिया के संस्थापक वंदित कालिया ने देखा कि ग्राहक किस तरह अपनी छुट्टियों के लिए रिसर्च करते हैं. क्योंकि कई लोग इंटरनेट पर जानकारी ढूंढ रहे थे, कालिया ने ऑनलाइन मार्केटिंग की संभावनाएं तलाशनी शुरू की ताकि डाइवइंडिया की पहुंच और उसके बारे में लोगों की जानकारी बढ़ सके.

    डाइवइंडिया ने साल 2015 में Google AdWords का इस्तेमाल शुरू किया, और फिर Google खोज और Analytics में काफ़ी निवेश किया ताकि डाइवर को अपनी वेबसाइट पर ला सकें और उनके व्यवहार पर नज़र रख सें. कंपनी ने सोशल मीडिया मार्केटिंग भी शुरू की ताकि डाइवर अपने अनुभव शेयर कर सकें, डाइवइंडिया अभी संभावित ग्राहकों को निशाना बनाते हुए विज्ञापन अभियान भी चलाती है.

    इन कोशिशों की वजह से, अगर कोई ‘’अंडमान में स्कूबा डाइविंग’’ खोजता है तो उसके टॉप तीन नतीजों में डाइवइंडिया का नाम होता है. संभावित ग्राहकों का ग्राहक में बदलना या लीड कन्वर्ज़न बीते साल के मुकाबले 230 फ़ीसदी बढ़ा, वेबसाइट पर ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक भी नवंबर 2015 से मार्च 2017 के बीच 400 फ़ीसदी बढ़ गया.

    “हमारी ऑनलाइन सफलता के लिये Google मुख्य कारक रहा है. अगर हम लीड की ओर देखें तो Google हमारी ऑनलाइन सफलता के लिए सबसे प्रभावी प्लेटफार्म रहा है, निवेश पर सबसे ज़्यादा रिटर्न भी यहीं पर मिला है.”

    वंदित कालिया, संस्थापक, डाइवइंडिया

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  • अस्त्र कॉन्क्रीट

    डिजिटल मार्केटिंग ने अस्त्र कॉन्क्रीट की मदद की विदेश पहुंचने और 60 फ़ीसदी आमदनी निर्यात से हासिल करने में.

    “कम लागत, आसान इस्तेमाल और ऊंची सुरक्षा की वजह से कारोबार के लिए Google Digital Tools बहुत मददगार रहे हैं और हम जैसे छोटे कारोबारों के लिए बहुत भरोसा दिलाने वाले और मददगार कारोबारी ऐप भी हैं.”

    श्रीकांत बी पारुलेकर, संस्थापक, अस्त्र कॉन्क्रीट प्रॉडक्ट्स

    अस्त्र कॉन्क्रीट प्रोडक्ट्स क्वालिटी कॉन्क्रीट स्पेसर बनाने और निर्यात करने वाली कंपनी है, यह भारत और विदेश में लैंडमार्क प्रोजेक्ट, मेट्रो और हाई राइज़ टावर को अपने प्रॉडक्ट बेचती है.

    अपने डिजिटल सफ़र की शुरुआत से पहले, अस्त्र का ज़्यादातर कारोबार गोवा तक सीमित था. ऑफ़लाइन माध्यमों से इसके संभावित ग्राह तक इनोवेटिव प्रोडक्ट की जानकारी पहुंचाना इसके लिए थोड़ा मुश्किल था.

    साल 2008 में अस्त्र ने अपने कारोबार को डिजिटल मीडिया की मदद से मार्केट करना शुरू किया, Google Adwords, Sites और मैप से इसे पहुंच बढ़ाने में मदद मिली. अस्त्र ने बिज़नेस-टू-बिज़नेस या बीटूबी वेबसाइट जैसे कि अलीबाबा, इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया से अपने प्रॉडक्ट रजिस्टर किए, जिनसे इसे गोवा के बाहर के बाज़ार तक पहुंचने में मदद मिली.

    अस्त्र की डिजिटल मार्केटिंग रणनीति ने उसे आमदनी में पिछले साल के मुकाबले 30 फ़ीसदी बढ़ोतरी हासिल करने में मदद की. आज इसकी 60 फ़ीसदी आमदनी अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर से आती है, 30 फ़ीसदी भारत के दूसरे राज्यों से और सिर्फ़ 10 फ़ीसदी गोवा से आती है. अगले पांच साल में अस्त्र का मकसद अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार की मदद से 100 करोड़ का लक्ष्य हासिल करना है.

    “कम लागत, आसान इस्तेमाल और ऊंची सुरक्षा की वजह से कारोबार के लिए Google Digital Tools बहुत मददगार रहे हैं और हम जैसे छोटे कारोबारों के लिए बहुत भरोसा दिलाने वाले और मददगार कारोबारी ऐप भी हैं.”

    श्रीकांत बी पारुलेकर, संस्थापक, अस्त्र कॉन्क्रीट प्रॉडक्ट्स

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भावी मोबाइल डेवलपर्स को ट्रेनिंग देना

भारत में साल 2018 तक 40 लाख से ज़्यादा डेवलपर होंगे, लेकिन अभी उनमें से 25 फ़ीसदी से कम लोगों में ही मोबाइल के लिए ऐप बनाने का हुनर है. यह जानते हुए कि भारत में मौजूदा उपयोगकर्ताओं में से 65 फ़ीसदी लोग इंटरनेट का इस्तेमाल अपने मोबाइल पर ही करते हैं - यह एक ऐसा रुझान है जो आगे बढ़ेगा ही - यही वजह है कि हम मोबाइल ऐप बनाने में भारत को ग्लोबल लीडर बनने में मदद करना चाहते हैं.

लाखों लोगों के लिए विश्व स्तर की डेवलपर शिक्षा

Google पहले ही भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा को बढ़ावा देने में मदद कर रहा है. ‘स्किलिंग फ़ॉर डेवलपर’ कार्यक्रम का लक्ष्य विश्वविद्यालयों और ट्रेनिंग पार्टनरों को एक साथ लाना है जिससे लगभग 20 लाख मोबाइल डेवलपर को प्रेरणा मिल सके और उन्हें इसके बारे में बताया जा सके.

मोबाइल कोर्स में प्रशिक्षित डेवलपर की संख्या

1,000,000

प्रशिक्षित डेवलपर

1300+

ज़्यादा फ़ैकल्टी प्रशिक्षित

~600

प्रमाणित एसोसिएट Android डेवलपर

 

 

“अगर यह कोर्स नहीं होता तो कंप्यूटर साइंस में एक औपचारिक डिग्री के बिना मुझमें इतना आत्मविश्वास नहीं होत. ”

निहारिका शर्मा

डेवलपर से मिलें

निहारिका शर्मा

निहारिका शर्मा

बैंगलोर

मैं एचआर में थी और रिक्रूटर के तौर पर काम कर रही थी लेकिन असल में मेरी इच्छा थी कि देखूं और समझूं कि गैजेट कैसे काम करते हैं और तकनीक कैसे हमारी ज़िंदगी को हर रोज़ बदल रही है. मेरे एक रिश्तेदार ने कहा कि मैं लड़की हूं और इंजीनियरिंग में कैसे जाऊंगी, इसलिए मैं उन्हें गलत साबित करना चाहती थी. फिर मैंने Udacity पर Google के कोर्स के बारे में सुना. मैंने कुछ ऑनलाइन कोर्स लेना शुरू किया और शुरुआती चीज़ों में मज़ा आया. आज मेरे पास Android नैनोडिग्री है और मैं Android डेवलपर के तौर पर काम करके कोड करने का अपना सपना पूरा कर रही हूं.

दीपक शर्मा

दिल्ली

मैं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हूं और कोडिंग में मेरी दिलचस्पी थी, इसलिए मैं जावा फ़ॉर एंबेडेड टेक्नोलॉजी पढ़ रहा था. लेकिन मेरी कंपनी मुझे डेवलपर मानने को तैयार नहीं थी क्योंकि मैं अलग फ़ील्ड से हूं. फिर मेरे दोस्त ने मुझे Android डेवलपमेंट के बारे में बताया. मैंने इसके बारे में Udacity से सीखना शुरू किया, और एसोसिएट Android डेवलपर प्रमाणपत्र परीक्षा पास कर ली.

प्रमाणपत्र मिलने के बाद, मुझे डेवलपर के तौर पर नौकरी मिल गई. आज मैं अपनी कंपनी में Android प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं. मैं अपने परिवार का शुक्रगुज़ार हूं क्योंकि चार महीने तक मुझे नौकरी नहीं मिली थी. जब मैं अपना करियर मोबाइल डेवलपमेंट में बनाने की कोशिश कर रहा था तो मेरे परिवार ने कहा ‘’कोई बात नहीं, तुम यह कर सकते हो’’. इसलिए मैंने यह कर लिया. अब मैं प्रोफ़ेशनल मोबाइल डेवलपर के तौर पर काम करके खुश हूं.

दीपक शर्मा

Google डेवलपर प्रशिक्षण

डेवलपर के लिए स्कीलिंग के बारे में ज़्यादा जानें और यहां सर्टिफ़ाइड हों.

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प्रमुख विश्वविद्यालयों और ऑनलाइन लर्निंग प्लैटफ़ॉर्म से साझेदारी करना

विश्वविद्यालयों से साझेदारी

हमारा Android डेवलपर फंडामेंटल्स ट्रेनिंग प्रोग्राम फ़ॉर-क्रेडिट कोर्स के तौर पर भारत के आला इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है- इनमें विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी शामिल हैं- हर साल इनके 75 हज़ार से ज़्यादा छात्रों को Android के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी.

Pluralsight से साझेदारी

Pluralsight और Google ने तकनीकी कौशल की कमी को पाटने के लिए साझेदारी की है. भारत में सीखने वालों को मुफ़्त डेवलपर और इंफ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सामग्री मुहैया कराते हुए उन्हें नया हुनर सिखाकर यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा. . एक खास अडैप्टिव असेसमेंट इंजन का इस्तेमाल करके, Pluralsight छात्रों को उनके हुनर के स्तर और दिलचस्पी के आधार पर सीखने का एक पाथ देता है. इस साझेदारी से, Pluralsight प्लैटफ़ॉर्म पर एक लाख से ज़्यादा भारतीय डेवलपर सक्रिय हो जाएंगे.

Udacity से साझेदारी

Udacity और Google ने मोबाइल और वेब डेवलपमेंट कोर्स तैयार करने के लिए साझेदारी की है, इन कोर्स को पूरा करने पर Google प्रमाणपत्र मिलता है. 2016 में हमने इंडिया स्किलिंग पहल का ऐलान किया था, तब से अब तक 2 लाख, 10 हजार छात्र Udacity पर Google कोर्स पूरा कर चुके हैं, इनमें से 1.17 लाख को तो इसी साल ट्रेनिंग दी गई है.

इस रफ़्तार को बनाए रखने के लिए, Google ने नवंबर 2017 में Udacity और Pluralsight प्लैटफ़ॉर्म पर 130,000 छात्रवृत्तियां देने का एलान किया है. 60,000 से ज़्यादा डेवलपर ने इस कार्यक्रम के लिए पहले ही अपना नाम रजिस्टर करवा दिया है और मोबाइल से जुड़े हुनर सीखने का सफ़र शुरु कर दिया है.

सीखने और शेयर करने के लिए समुदाय तैयार करना

भारत में मोबाइल डेवलपर के समुदाय को मजबूत बनाने के लिए हमने छात्रों और डेवलपर के कई अलग-अलग फ़ोरम बनाए हैं. इन फ़ोरम में ये दोनों पक्ष मिल सकते हैं, काम करने के बेहतर तरीके शेयर कर सकते हैं और एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं.

मोबाइल डेवलपर फ़ेस्ट

Google ने मोबाइल डेवलपर बनने की इच्छा रखने वालों को Firebase, Android, मशीन लर्निंग, प्रोग्रेसिव वेब ऐप्लिकेशन और कोड लैब ट्रेनिंग के व्यावहारिक सत्र उपलब्ध करवाने के लिए साल 2017 में बेंगलुरू में मोबाइल डेवलपर फ़ेस्ट लॉन्च किया.

सीएमआर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी में हुए एक दिन के इवेंट में छात्रों को सर्टिफ़िकेट पाए हुए कई डेवलपर से बातचीत करने का मौका मिला और उनकी सफलता की कहानियां सुनकर प्रेरणा भी मिली. उन्हें Google डेवलपर स्टूडेंट क्लब और यूनिवर्सिटी इनोवेशन फ़ेलो का हिस्सा बनने का भी मौका मिला.

साल 2018 में, 12 और राज्यों के कई इंजीनियरिंग कॉलेज में इस तरह के मोबाइल डेवलपर फ़ेस्ट आयोजित किए जाएंगे.

डेवलपर स्टूडेंट क्लब

आगे भी, मोबाइल और वेब डेवलपमेंट में दिलचस्पी रखने वाले कॉलेज छात्रों को बढ़ावा देने के लिए हमने डेवलपर स्टूडेंट क्लब (डीएससी) प्रोग्राम बनाया है. इससे उन्हें साथ मिलकर काम करने और नए स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी.

अक्टूबर 2017 में, 23 राज्यों के 400 से भी ज़्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज के 185 छात्र डीएससी लीड बनने के लिए चुने गए. फ़ोरम के ऐम्बैसडर के तौर पर ये छात्र कैंपस इवेंट करवाने, साथी छात्रों को ट्रेनिंग देने और मोबाइल स्किल को बढ़ावा देने में Google की मदद करते हैं.

इन डीएससी लीड ने फ़रवरी 2018 में गोवा में अपना पहला सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें देश भर के 170 कॉलेज के 200 छात्र शामिल हुए. इन छात्रों ने डिज़ाइन से जुड़ी वर्कशाप में हिस्सा लिया और इस क्षेत्र में ऊंचे पदों पर काम कर रहे लोगों से बहुत कुछ सीखा.

Google डेवलपर डेज

हमारे Google डेवलपर डेज इवेंट हमारे नए उत्पादों, प्लैटफ़ॉर्म और टूल के बारे में जानकारी देते हैं. इससे डेवलपर्स को अच्छी क्वालिटी के ऐप बनाने, उन्हें बेहतर करने और इस्तेमाल करने वालों का एक सक्रिय बेस बनाए रखने में मदद मिलती है. उन्हें अपनी कमाई बढ़ाने में भी मदद मिलती है. 2017 में, बेंगलुरू में खास जानकारी वाले सेशन्स और वर्कशॉप आयोजित करने, डेमो देने और मनोरंजन के लिए हम 2400 डेवलपर्स को एक प्लैटफ़ॉर्म पर लेकर आए.

इन इवेंट के बारे में ज़्यादा जानने के लिए इवेंट के बाद की रिपोर्ट या रिकॉर्डिंग या फ़ोटो देखें.

समाचार: न्यूजलैब से 10 हज़ार पत्रकारों को प्रशिक्षित करना

भारतीय भाषाओं में 10 करोड़ लोग ऑनलाइन खबरें देखते हैं, इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के लिए न्यूज़ बड़ी दिलचस्पी का विषय है. हमारी Newslab पहल का लक्ष्य है 10 हज़ार पत्रकारों के साथ मिलकर खबरों की जाँच-पड़ताल, डेटा पत्रकारिता और इमर्सिव और समावेशी तरीके से समाचार बताकर खबरों की रिपोर्टिंग में सुधार करना. हमने भारत में अब तक 4500 पत्रकारों को प्रशिक्षित किया है.

Google की ओर से अधिक पहल

लाखों यात्रियों के लिए तेज़ रफ़्तार वाला वाई-फ़ाई

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जहां दुनिया हाइपर-कनेक्टेड होने की ओर बढ़ रही है, वहीं भारत की 130 करोड़ की जनसंख्या में से आधे से ज़्यादा लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है.

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सुरक्षा और भरोसा

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दुनिया में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत में है. यहां 40 करोड़ से ज़्यादा लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं और अगले दो साल में यह संख्या बढ़कर 65 करोड़ हो सकती है.

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