भारत के लिए कुछ नया करना

जैसे-जैसे भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ रही है, हम यहां की खास तरह की डिजिटल ज़रूरतों के मुताबिक नए उत्पाद बना रहे हैं और मौजूदा Google उत्पादों को भी भारत के मुताबिक ढाल रहे हैं. चाहे भारतीय भाषाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को मदद देने की बात हो या भुगतान करने की सुविधा को आसान बनाने की बात हो या फिर कम स्पीड वाले कनेक्शन के लिए डेटा खर्च को ऑप्टिमाइज़ करने की, हम भारतीयों की हर तरह से मदद कर रहे हैं जिससे वे ऑनलाइन ज़्यादा से ज़्यादा काम कर सकें..

भारतीय भाषाओं के इंटरनेट में धमाकेदार बढ़ोतरी

अलग-अलग तरह की सामग्री के लिए 2021 तक भारतीय भाषाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या का अनुमान (स्रोत: KPMG-Google शोध)

28 करोड़

ऑनलाइन समाचार

17.5 करोड़

सरकारी सेवाएं

17.5 करोड़

इंटरनेट पर खरीदारी

17.5 करोड़

डिजिटल भुगतान

10 करोड़

डिजिटल विज्ञापन

 

 

ग्लोबल उत्पादों को स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से ढालना

भारत में पहली बार, स्मार्ट फ़ोन ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इंटरनेट से जोड़ रहे हैं. इस बात की ज़रूरत बढ़ती जा रही है कि डिजिटल उत्पादों को लोगों की तेज़ी से बढ़ती इस आबादी के काम का बनाया जाए. मोबाइल इस्तेमाल करने वालों की खास ज़रूरतों के हिसाब से हमने अपने सबसे ज़्यादा लोकप्रिय Google उत्पादों में बदलाव किए हैं, जैसे- कई स्थानीय भाषाओं में इस्तेमाल की सुविधा, तेज़ रफ़्तार वाला और बिना किसी रुकावट के चलने वाला इंटरनेट कनेक्शन देना, डेटा बचाने वाले खास ऐप्लिकेशन.

डेटा खर्च को ऑप्टिमाइज़ करना और कनेक्टिविटी में सुधार

हालांकि भारत में तेज़ रफ़्तार वाले इंटरनेट नेटवर्क मौजूद हैं, फिर भी आबादी के एक बड़े हिस्से को टूजी (2G) नेटवर्क की सुविधा ही उपलब्ध है. टूजी (2G) नेटवर्क की रफ़्तार भी धीमी होती है और यह महंगा भी पड़ता है. स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल करने वालों को तेज़ गति का और बेहतर ऑनलाइन अनुभव देने के लिए हमने कई ऐप बनाए हैं और कई सुविधाएं चालू की हैं. इनके ज़रिए कम डेटा खर्च में बेहतर मोबाइल सुविधाएं मिलती हैं.

Google उत्पादों की मदद से भाषा की रुकावट ख़त्म करना

आज, भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करीब 41 करोड़ लोगों में से 57% यानी करीब 23.4 करोड़ लोग भारतीय भाषाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. साल 2021 तक भारतीय भाषाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़कर 53.6 करोड़ हो जाने की संभावना है, यानी भारत में अंग्रेज़ी में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के मुकाबले 6 गुना ज़्यादा तेज़ी से. (स्रोत: KPMG-Google रिसर्च )

तेज़ी से बढ़ने वाले इस समूह की मदद के लिए, हम स्थानीय भाषाओं में जानकारी देने को बढ़ावा दे रहे हैं. हमारे अलग-अलग उत्पादों और सेवाओं के इस्तेमाल की सुविधा का विस्तार 27 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में किया जा रहा है. इनमें सर्च, बोलकर रास्ता बताने की सुविधा, बोलकर फ़ोन को निर्देश देने की सुविधा और अनुवाद की सुविधा शामिल है.

भारत में सड़कों पर सुरक्षित तरीके से चलना

भारत दुनिया में टू-व्हीलर का सबसे बड़ा बाज़ार है. कार चलाने वालों के मुकाबले मोटरसाइकिल और स्कूटर चलाने वाले लोगों की नेविगेशन से जुड़ी ज़रूरतें अलग होती हैं. हमने देश भर में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए मैप ऐप्लिकेशन बनाया है जो खास भारत को ध्यान में रखकर बनाया गया Google फ़ीचर है. इस सुविधा की मदद से उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक ट्रैफ़िक के अनुमान मिलते हैं और अपने वाहन के हिसाब से ‘’शॉर्टकट’’ भी मिलते हैं. नेविगेशन के लिए लैंडमार्क देकर हम टू-व्हीलर चलाने वालों की मदद करते हैं जिससे वे गाड़ी चलाते समय बार-बार फ़ोन देखने की बजाय अपना ध्यान सड़क पर रखें.

स्टार्टअप की दुनिया को और मज़बूत बनाने के लिए उन्हें Google की सबसे बेहतर मदद देना

Google का Launchpad, कुछ अलग काम करने वाली स्टार्टअप कंपनियों को मज़बूत बनाने के लिए तैयार किया गया एक ग्लोबल कार्यक्रम है, जिसे भारत जैसे उभरते देश की खास ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. स्टार्टअप कंपनियों को मार्गदर्शन और सलाह देने के लिए पहले हमने छोटे कार्यक्रम चलाए. कुछ दिन तक चलने वाली स्टार्टअप मेंटरशिप गतिविधियों से लेकर छह महीनों के ग्लोबल Launchpad Accelerator तक, साल 2015 से अब तक भारत की कई स्टार्टअप कंपनियों को हमारे विशेषज्ञों, बेहतरीन संसाधनों, तरीकों और तकनीक का फ़ायदा मिला है.

उत्पादों के लिए ज़रूरी रणनीति बनाने वाले और यूएक्स / यूआई, मार्केटिंग और तकनीक जैसे क्षेत्रों से जुड़े Google के और दूसरी कंपनियों के विशेषज्ञों की मदद से हमने छोटे कार्यक्रम बनाए. इन कार्यक्रमों के ज़रिए सैकड़ों स्टार्टअप कंपनियों को मज़बूत बनाया गया. 30 भारतीय स्टार्टअप कंपनियों को हमारे तीन साल पुराने Launchpad Accelerator कार्यक्रम से फ़ायदा हुआ है. इन स्टार्टअप कंपनियों को कुल मिलाकर सात करोड़ डॉलर की फ़ंडिंग मिली और इनकी कुल आय में करीब 500% की बढ़ोतरी हुई.

भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम के धीरे-धीरे परिपक्व होने को देखते हुए हमने साल 2017 में सिर्फ़ भारत के डेवलपरों को प्रेरित करने के लिए “Solve for India” नाम का एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया. इस कार्यक्रम का मकसद ऐसी स्टार्टअप कंपनियों की पहचान करना था जो भारत की बढ़ती ज़रूरतों को आधुनिक तकनीक की मदद से पूरी करने में जुटी हुई हैं. हम 15 शहरों में गए, सैकड़ों संस्थापकों को आगे का रास्ता दिखाया और कुछ बेहतरीन स्टार्टअप कंपनियों को ढूंढकर “Solve for India” के Launchpad बूटकैम्प में बुलाया. बूटकैम्प में Google और दूसरी कंपनियों के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप कंपनियों के प्रतिनिधियों को कुछ अहम उत्पाद और कंपनियों के विकास से जुड़ी चुनौतियों को हल करने के बारे में जानकारी दी.

इस पायलट कार्यक्रम और Launchpad के अभी तक के अपने अनुभव को इस्तेमाल करते हुए हमने एक और पहल की है. अब Google का Launchpad Accelerator India तीन महीनों का कार्यक्रम है. यह कार्यक्रम मशीन लर्निंग/एआई (AI) की मदद से भारत की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम करने वाली कंपनियों को राह दिखाने के लिए खास तौर पर बनाया गया है ताकि इन कंपनियों को Google की सबसे बेहतरीन टीम, नेटवर्क और तकनीक से मदद मिल सके.

भारत के लिए बनाए गए (इंडिया फ़र्स्ट) उत्पादों से स्थानीय ज़रूरतें पूरी करना

भारत में इंटरनेट बहुत ही असाधारण बदलाव के दौर से गुज़र रहा है. इस साल भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 40 करोड़ से भी ज़्यादा हो गई है. भारत के लोग पहले से कहीं ज़्यादा डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं- हर महीने औसतन 4 जीबी. यह भी अगले चार सालों में बढ़कर 11 जीबी हो जाने की संभावना है. मोबाइल और इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों के नए-नए तरीकों से सस्ता डेटा उपलब्ध करवाने और Google Station जैसे सार्वजनिक वाई-फ़ाई तक ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की पहुंच से इंटरनेट तक भारतीयों की पहुंच आसान हो गई है - इस सबकी वजह से लोग अपना ज़्यादा समय अपने पसंदीदा वीडियो देखने में बिताते हैं, न कि डेटा खर्च की चिंता करने में. इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की और ज़्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने की इच्छा को देखते हुए हम खास भारत के लिए नए उत्पाद और फ़ीचर बनाने में लगे हुए हैं.

खास भारत के लिए बनाए गए हमारे कुछ उत्पादों के बारे में जानिए:

YouTube Go

YouTube Go

YouTube Go भारतीयों को उनके पसंदीदा वीडियो देखने में मदद करता है, वह भी बिना मोबाइल डेटा खर्च किए. दर्शकों की नई पीढ़ी के लिए बनाया गया यह ऐप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को बिना इंटरनेट के वीडियो देखने के लिए वीडियो सेव करने की सुविधा देता है. इस वजह से बफ़र करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती. उपयोगकर्ता बिना डेटा खर्च किए अपने दोस्तों के साथ वीडियो शेयर कर सकते हैं. इसके अलावा वे होम स्क्रीन हाइलाइट को ऑप्टिमाइज़ करके अपने आस-पास के चर्चित वीडियो भी पता कर सकते हैं.

Datally

Datally

भारत में लोग अपने पूरे डेटा खर्च को आसानी से ऑप्टिमाइज़ कर सकें, इसके लिए हमने Datally बनाया है. यह ऐप्लिकेशन डेटा के उपयोग की आदतों की निगरानी करता है और डेटा बचाने के लिए सुझाव देता है. साथ ही, उपयोगकर्ताओं को बैकग्राउंड में ज़्यादा खर्च होने वाले डेटा की निगरानी करने और उस पर रोक भी लगाने की सुविधा देता है. यह स्मार्टफ़ोन को आस-पास उपलब्ध सार्वजनिक वाई-फ़ाई नेटवर्क से जोड़ने का काम भी करता है जिसकी वजह से उपयोगकर्ता को डेटा बचाने का एक और तरीका मिलता है. इन सुविधाओं के ज़रिए हमारे ऐप्लिकेशन ने उपयोगकर्ताओं की 30 प्रतिशत तक डेटा बचाने में मदद की है.

Tez

Tez

2017 में हमने Tez लॉन्च किया. Tez भारत के लिए बनाया गया डिजिटल भुगतान करने वाला नया ऐप्लिकेशन है. यह सारे बड़े बैंकों और बहुत सारे स्मार्टफ़ोन के साथ काम करता है जिससे लोगों को सीधे अपने खाते से कहीं भी तुरंत और सुरक्षित भुगतान करने की सुविधा मिलती है.

Filesgo

Filesgo

Filesgo अपने मोबाइल की मेमोरी व्यवस्थित करने में भारतीयों की मदद करता है. हमारा यह ऐप्लिकेशन फ़ाइलों के उपयोग, साइज़, डुप्लीकेट फ़ाइल या कम रिज़ॉल्यूशन के आधार पर उन्हें मिटाने के सुझाव देता है. यह स्मार्ट फ़िल्टर के ज़रिए फ़ोन की सारी सामग्री अपने आप व्यवस्थित कर देता है, क्लाउड स्टोरेज प्लैटफ़ॉर्म पर फ़ाइलों का बैक अप लेने, और बिना डेटा खर्च किए एन्क्रिप्ट की गई फ़ाइलों को तेज़ रफ़्तार से आस-पास के फ़ोन में ट्रांसफ़र करने की सुविधा देता है.

बलदीप सिंह, रियल एस्टेट एजेंट

“हालांकि मैं पंजाबी भाषा बोलने में माहिर हूं, लेकिन पंजाबी में लिखना मेरे लिए असंभव जैसा था. फ़ोनेटिक कीबोर्ड की कमी होने का मतलब था कि मैं अपने परिवार और मित्रों को पंजाबी में उत्तर नहीं दे सकता था. Google भारतीय कीबोर्ड ने मेरा जीवन आसान बना दिया, क्योंकि अब मैं पंजाबिश (अंग्रेज़ी में पंजाबी) में लिख सकता हूं और अपने परिवार के साथ पंजाबी में चैट कर सकता हूं.”

बलदीप सिंह, रियल एस्टेट एजेंट

Google की ओर से अधिक पहल

लाखों यात्रियों के लिए तेज़ रफ़्तार वाला वाई-फ़ाई

लाखों यात्रियों के लिए तेज़ रफ़्तार वाला वाई-फ़ाई

जहां दुनिया हाइपर-कनेक्टेड होने की ओर बढ़ रही है, वहीं भारत की 130 करोड़ की जनसंख्या में से आधे से ज़्यादा लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है.

और पढ़ें
नए दौर की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल स्किल के इस्तेमाल पर ज़ोर

नए दौर की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल स्किल के इस्तेमाल पर ज़ोर

पेशेवरों और कारोबारियों के लिए बनाए गए हमारे ट्रेनिंग कार्यक्रम भारत के लिए मददगार साबित होंगे. इनके ज़रिए भारत तकनीकी का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाकर एक बेहतर कल की ओर बढ़ेगा

और पढ़ें
सुरक्षा और भरोसा

सुरक्षा और भरोसा

दुनिया में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत में है. यहां 40 करोड़ से ज़्यादा लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं और अगले दो साल में यह संख्या बढ़कर 65 करोड़ हो सकती है.

और पढ़ें